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Thursday, February 5, 2026

आयकर स्लैब में बदलाव नहीं, स्लैब वही, नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल से लागू

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है। घोषणा की गई है कि नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। मिडिल क्लास और सैलरी पाने वाले लोगों का ध्यान इस बात पर था कि क्या केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इनकम टैक्स में टैक्स डिडक्शन बढ़ाएंगी। हालांकि, निर्मला सीतारमण ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बजट एक विकसित भारत की ओर एक कदम बढ़ाने वाला बजट है।

12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री

केंद्र सरकार ने 2025-26 में 12 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स डिडक्शन की घोषणा की थी। यह टैक्स डिडक्शन इस साल भी लागू होगा। इससे 12 लाख रुपये तक की इनकम इनकम टैक्स फ्री हो गई है।

टैक्स स्लैब: 2026 में इनकम टैक्स स्लैब (नई टैक्स व्यवस्था)

4 लाख तक: टैक्स-फ्री
4 से 8 लाख: 5 परसेंट
8 से 12 लाख: 10 परसेंट
12 से 16 लाख: 15 परसेंट
16 से 20 लाख: 20 परसेंट
20 से 24 लाख: 25 परसेंट
24 लाख से ज़्यादा: 30 परसेंट

2026-27 में पुरानी टैक्स व्यवस्था में कितना टैक्स?

2.5 लाख: टैक्स-फ्री

2.5 लाख से 5 लाख : 5 परसेंट

5 लाख से 10 लाख : 20 परसेंट

10 लाख से ज़्यादा : 30 परसेंट

2025-26 में इनकम टैक्स की नई टैक्स व्यवस्था में टैक्स स्लैब

पिछले साल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट के अनुसार, 2025-26 में टैक्स स्ट्रक्चर के लिए टैक्स स्लैब इस प्रकार थे। नए टैक्स स्लैब में 12 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं लगेगा।

4 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं लगेगा। 4 से 8 लाख रुपये की इनकम पर 5 परसेंट टैक्स लगेगा। 8 लाख से 12 लाख रुपये की इनकम पर 10 परसेंट इनकम टैक्स देना होगा। इसके अलावा, 12 लाख से 16 लाख रुपये के बीच टैक्स स्लैब 15 परसेंट था। 16 लाख से 20 लाख रुपये के बीच 15 परसेंट इनकम टैक्स तय किया गया था। 20 से 24 लाख रुपये पर 25 परसेंट इनकम टैक्स लगेगा। जबकि, 24 लाख रुपये से ज़्यादा की इनकम पर 30 परसेंट टैक्स लगेगा।

2025-26 में पुराने टैक्स सिस्टम में टैक्स स्लैब

पुराने टैक्स सिस्टम के मुताबिक, 2025-26 में 2.5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री है। 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये की इनकम पर 5 परसेंट इनकम टैक्स तय किया गया था।
5 से 10 लाख रुपये की इनकम पर 20 परसेंट और 10 लाख रुपये से ज़्यादा की इनकम पर 30 परसेंट इनकम टैक्स लगता था।

स्टैंडर्ड डिडक्शन

स्टैंडर्ड डिडक्शन को सैलरी पाने वाले कर्जदारों के लिए एक ज़रूरी टैक्स डिडक्शन माना जाता है। भारत में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपये है। इस वजह से, भले ही सरकार ने 12 लाख रुपये तक टैक्स डिडक्शन दिया हो, लेकिन 12.75 लाख रुपये की इनकम पर टैक्स डिडक्शन मिलता है।

आईटीआर फाइलिंग में आएंगे बड़े बदलाव,

1 – नए आईटीआर फॉर्म कब आएंगे?

बजट भाषण में साफ किया गया है कि नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने के साथ ही सरल और यूज़र-फ्रेंडली ITR फॉर्म भी जल्द जारी किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इन नए फॉर्म्स को आम करदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि रिटर्न फाइल करना कम जटिल और ज्यादा सहज हो सके।

2 – Revised आईटीआर भरने की समय-सीमा बढ़ेगी

बजट 2026 में एक अहम राहत यह दी गई है कि Revised ITR फाइल करने की आखिरी तारीख अब 31 दिसंबर की जगह 31 मार्च तक बढ़ाई जाएगी। हालांकि इसके लिए करदाता को मामूली शुल्क देना होगा। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें गलती सुधारने के लिए ज्यादा समय चाहिए होता है।

3 – क्या आईटीआर फाइलिंग की अंतिम तारीख बदली?

व्यक्तिगत करदाताओं के लिए बड़ी राहत यह है कि ITR-1 और ITR-2 भरने की अंतिम तारीख अब भी 31 जुलाई ही रहेगी। लेकिन नॉन-ऑडिट बिजनेस मामलों और ट्रस्ट्स के लिए फाइलिंग की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है।

4 – शेयर बायबैक पर टैक्स नियम बदले

बजट 2026 में शेयर बायबैक को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब सभी शेयरधारकों के लिए बायबैक से मिलने वाली राशि को कैपिटल गेन माना जाएगा। टैक्स आर्बिट्राज रोकने के लिए प्रमोटर्स पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा। इससे बिजनेस प्रमोटर्स के लिए प्रभावी टैक्स दर 22 प्रतिशत, जबकि नॉन-कॉरपोरेट प्रमोटर्स के लिए 30 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।

5 – घाटे वाले मामलों में Updated Return की सुविधा

एक अहम सुधार यह है कि अब करदाता Updated Return फाइल कर सकेंगे, अगर वे अपने पहले दाखिल आईटीआर में दिखाए गए नुकसान की राशि को कम करते हैं। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और यह पुराने व नए दोनों इनकम टैक्स एक्ट पर लागू रहेगा।

6 – NIL टीडीएस सर्टिफिकेट अब ऑटोमेटेड

छोटे करदाताओं के लिए बजट 2026 में बड़ी राहत दी गई है। अब NIL डिडक्शन सर्टिफिकेट पाने के लिए एक नया नियम-आधारित ऑटोमेटेड सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे करदाताओं को बार-बार आवेदन करने और विभागीय देरी से राहत मिलेगी।

7 – विदेशी संपत्ति खुलासा योजना

सरकार ने छोटे करदाताओं के लिए एक बार की 6 महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना का ऐलान किया है। इसके तहत स्टूडेंट्स, युवा प्रोफेशनल्स, टेक एम्प्लॉइज और रिलोकेटेड NRI सीमित मूल्य की विदेशी आय या संपत्ति का खुलासा बिना बड़ी कार्रवाई के कर सकेंगे।

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