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Thursday, February 5, 2026

गीता प्रेस संस्था नहीं बल्कि जीवंत आस्था है, पीएम मोदी बोले – इसका कार्यालय करोड़ों लोगों के लिए मंदिर से कम नहीं

गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर स्थित गीता प्रेस के शताब्दी समारोह के समापन समारोह में भाग लिया। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। गोरखपुर पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बार का मेरा गोरखपुर का दौरा विकास भी-विरासत भी की नीति का अद्भुत उदाहरण है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने गीता प्रेस को गांधी शांति पुरुस्कार भी दिया है। गांधी जी का गीता प्रेस से भावनात्मक जुड़ाव था। एक समय में गांधी जी कल्याण पत्रिका के माध्यम से गीता प्रेस के लिए लिखा करते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे बताया गया कि गांधी जी ने ही सुझाव दिया था कि कल्याण पत्रिका में विज्ञापन न छापे जाएं। कल्याण पत्रिका आज भी गांधी जी के सुझाव का शत प्रतिशत अनुसरण कर रही है।

गीता प्रेस का कार्यालय किसी मंदिर से कम नहीं-पीएम मोदी

पीएम ने कहा कि गीता प्रेस विश्व का ऐसा एकलौता प्रिंटिंग प्रेस है, जो सिर्फ एक संस्था नहीं बल्कि एक जीवंत आस्था है। गीता प्रेस का कार्यालय करोड़ों लोगों के लिए किसी मंदिर से जरा भी कम नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये समय गुलामी की मानसिकता से मुक्त होकर अपनी विरासत पर गर्व करने का है। आज एक ओर भारत डिजिटल टेक्नोलॉजी में नए रिकॉर्ड बना रहा है। तो साथ ही, सदियों बाद काशी में विश्वनाथ धाम का दिव्य स्वरूप भी देश के सामने प्रकट हुआ है।

हिंदू धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकों के विश्व के सबसे बड़े प्रकाशन गीता प्रेस के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री चित्रमय शिव पुराण ग्रंथ का विमोचन किया। समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गीता प्रेस अपनी 100 वर्ष की शानदार यात्रा लेकर आगे बढ़ा है। इस 100 वर्षों की शानदार यात्रा में विगत 75 वर्षों में कोई प्रधानमंत्री आज तक गीता प्रेस में नहीं आया क्योंकि गीता प्रेस भारत की मूल आत्मा को जागृत करने का काम किया है। 2021 के गांधी शांति पुरुस्कार के योगदान को सम्मानित करने का कार्य किया।

गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार 2021

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाले एक निर्णायक मंडल ने गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार 2021 प्रदान करने की घोषणा की थी। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 1995 में स्थापित इस वार्षिक पुरस्कार के तहत एक करोड़ रुपये की नकद राशि, एक प्रशस्ति पत्र और एक पट्टिका तथा एक उत्कृष्ट पारंपरिक हस्तकला या हथकरघा उत्पाद प्रदान किया जाता है। गीता प्रेस ने पुरस्कार राशि स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और कहा कि वह केवल प्रशस्ति पत्र ही स्वीकार करेगी।

प्रधानमंत्री गोरखपुर रेलवे स्टेशन से दो वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इनमें उत्तर पूर्व रेलवे की पहली सेमी हाईस्पीड गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत ट्रेन और जोधपुर-साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल है।

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