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Thursday, February 5, 2026

भारत के ‘राष्ट्रदूत’ हैं प्रवासी भारतीय, G-20 विश्व को भारत के बारे में बताने का अवसर – पीएम मोदी

इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के मेजबान शहर मध्यप्रदेश के इंदौर की सांस्कृतिक विरासत की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि इंदौर सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक ‘दौर’ है, जो समय से आगे चलता है फिर भी विरासत को समेटे रहता है। पीएम मोदी यहां आयोजित 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के औपचारिक उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली, सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कई अन्य गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय उपस्थित थे।

पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीय समुदाय को इंदौर शहर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में देश में एक अलग पहचान स्थापित की है। खाने पीने के मामले में भी इंदौर पूरी दुनिया में लाजवाब है। इंदौरी नमकीन का स्वाद, यहां का पोहा, साबूदाने की खिचड़ी, कचौड़ी, समोसे, शिकंजी, जिसने इसे देखा उसके मुंह का पानी नहीं रुका और जिसने इन्हें चखा वह कहीं और मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने इसी क्रम में स्ट्रीट फूड के लिए बेहद प्रसिद्ध इंदौर की छप्पन दुकान और सराफा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि कुछ लोग इंदौर को स्वच्छता के साथ-साथ स्वाद की राजधानी भी कहते हैं। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि इंदौर एक शहर है, लेकिन मुझे लगता है कि इंदौर एक दौर है। यह वह दौर है जो समय से आगे चलता है, फिर भी विरासत को समेटे रहता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रवासी भारतीय सम्मेलन मध्यप्रदेश की उस धरती पर हो रहा है जिसे देश का हृदय क्षेत्र कहा जाता है। प्रदेश में मां नर्मदा का जल, यहां के जंगल, आदिवासी परंपरा, यहां का आध्यात्म, ऐसा कितना कुछ है जो यात्रा को अविस्मरणीय बनाएगा। उन्होंने सम्मेलन में आए प्रवासी भारतीयों से इंदौर से सटे उज्जैन स्थित श्री महाकाल लोक और भगवान महाकालेश्वर के दर्शन का भी अनुरोध किया। इस तीन दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत कल हुई थी, हालांकि इसका औपचारिक उद्घाटन आज प्रधानमंत्री मोदी ने किया। सम्मेलन का समापन समारोह मंगलवार को होगा। एयरपोर्ट पर सीएम शिवराज, राज्यपाल मंगूभाई पटेल, नरोत्तम मिश्रा और वीडी शर्मा ने उनका स्वागत किया। यहां से PM ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। जहां मोदी-मोदी के नारे के साथ उनका स्वागत किया गया। पीएम मोदी ने गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली और सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी की आगवानी की। सम्मेलन में शामिल होने के लिए लगभग 70 देशों के 3,500 से अधिक सदस्य पहुंचे हैं। सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी ने संबोधन से पहले पीएम मोदी की मां को श्रद्धांजलि दी।

सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी ने संबोधन से पहले पीएम मोदी की मां को श्रद्धांजलि दी और पीएम मोदी को प्रणाम किया। हम अपने देश में हिंदी लैंग्वेज, कल्चर, आयुर्वेद पर ट्रेनिंग सेंटर बनाने पर काम कर रहे हैं। हिंदी लैंग्वेज के स्कूलों पर भी हमारा फोकस है। ये एक मेमोरेबल पल है। जननी और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है। सूरीनाम की जनता की ओर से मैं मध्यप्रदेश और भारत सरकार का आभार प्रकट करता हूं, जो आदर-सत्कार मुझे और मेरे प्रतिनिधिमंडल को मिला है। यह सम्मेलन हम दोनों देशों के आपसी सहयोग को बढ़ाने में मददगार साबित होगा।

उन्होंने कहा कि इंदौर स्मार्ट सिटी में आगे बढ़ रहा है। इतने अच्छे स्वागत के लिए हम धन्यवाद करते हैं। हम प्रधानमंत्री की नीतियों का समर्थन करते है। प्रवासी भारतीय दिवस जैसी कार्यक्रम की हर देश में ज़रूरत है। इंडिया और हिन्दी लैंग्वेज, कल्चर, आयुर्वेद पर ट्रेनिंग सेंटर खोलने की कोशिश करेंगे। हिंदी भाषा और कल्चर परंपरा सिखाने की पूरी कोशिश जाएंगी। हम सूरीनाम में आपके सहयोग से ऐसा हब खोलना चाहते है। ये एक मेमोरेबल पल है। जननी और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है। सूरीनाम की जनता की ओर से मैं मध्यप्रदेश और भारत सरकार का आभार प्रकट करता हूं, जो आदर-सत्कार मुझे और मेरे प्रतिनिधिमंडल को मिला है। यह सम्मेलन हम दोनों देशों के आपसी सहयोग को बढ़ाने में मददगार साबित होगा।

गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली ने भी पीएम मोदी का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में पीएम मोदी ने कई सराहनीय कदम उठाए, खासकर वैक्सीनेशन की। उन्होंने मोदी के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इसके बिना कोई भी आगे नहीं बढ़ सकता। महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि इंडिया का फ्रीडम स्ट्रगल दूसरे देशों के लिए इंस्पायरिंग है। मोहनदास करमचंद गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। 107 साल पहले शारीरिक रूप से कमजोर दिखने वाले, लेकिन मानसिक रूप से दृढ़ गांधी घर लौटे थे। उन्होंने देश को आजाद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत प्रतिभाओं को निखारने में दुनिया में नंबर एक है। हम प्रवासियों के लिए भारत के चलाए जा रहे कार्यक्रमों से काफी कुछ सीख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि हमारे बीच दूरिया बहुत हैं, लेकिन दिल और आत्माएं जुड़ी हुई हैं। मैं यहां भारतीयों के मिले प्रेम का आभारी हूं।

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