केवड़िया। 4 साल पहले जब स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उद्धाटन हुआ था, तब भविष्य का आकलन करने वाले ही यह देख सके थे कि ये सिर्फ एक विशाल मूर्तिभर नहीं है, बल्कि भारत में पर्यटन की एक नई कहानी की शुरुआत है। तब ज्यादातर लोग इसे सिर्फ एक मूर्ति मान रहे थे। लेकिन पीएम मोदी का इसे लेकर एक बड़ा विजन और प्लान था। वह चाहते थे कि यह हर एज ग्रुप के आकर्षण के साथ पर्यटन का केंद्र बने। यहां आकर लोग भविष्य के भारत को देखें। एक आकलन के अनुसार, इन 4 सालों में 8 मिलियन से अधिक लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के दर्शन कर चुके हैं। मोदी ने गुजरात के सीएम रहते हुए 7 अक्टूबर 2010 को अहमदाबाद में इस स्मारक के निर्माण की घोषणा की थी।
31 अक्टूबर 2013 इस पर काम शुरू हुआ और 31 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल की 143वीं जयंती पर पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2022 तक गुजरात और राजस्थान के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत कर रहे हैं, उनमें गुजरात केवड़िया में पर्यटकों के लिए दो नए आकर्षण-मेज गार्डन और मियावाकी वन भी शामिल है।
मेज गार्डन 3 एकड़ में फैला हुआ है, जो इसे देश का सबसे बड़ा मेज गार्डन बनाता है। यहां करीब 2.1 किमी का रास्ता है। इसे एक ‘श्रीयंत्र’ के आकार में डिजाइन किया गया है, जिसके बारे में कहा जाता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
गार्डन में कुल करीब 1.8 लाख पौधे लगाए गए हैं, जिससे सुंदरता देखते ही बनती है। मियावाकी वन करीब 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है।

गार्डन में देसी फूलों का बागीचा, टिंबर गार्डन, फलों का बागीचा, औषधीय उद्यान, मिश्रित प्रजाति का अलग खंड, डिजिटल ओरिएंटेशन सेंटर शामिल हैं।
गार्डन को जापानी वनस्पतिशास्त्री अकीरा मियावाकी की तकनीक का इस्तेमाल करके विकसित किया गया है, जिससे कम समय में घने और देसी जंगल खड़े करने में मदद मिलती है।
मियावाकी पद्धति के माध्यम से एक जंगल को केवल दो से तीन वर्षों में विकसित किया जा सकता है, जबकि पारंपरिक पद्धति से इसमें कम से कम 20 से 30 वर्ष लगते हैं।

मियावाकी वन में ये डिविजन शामिल होंगे-मूल पुष्प उद्यान, इमारती लकड़ी का बगीचा, फलों का बगीचा, औषधीय उद्यान, मिश्रित प्रजातियों का एक मियावाकी खंड, डिजिटल ओरिएंटेशन सेंटर।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं टेंट सिटी, थीम आधारित पार्क जैसे आरोग्य वन (हर्बल गार्डन), बटरफ्लाई गार्डन, कैक्टस गार्डन, विश्व वन, फूलों की घाटी (भारत वन), यूनिटी ग्लो गार्डन, चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क, जंगल सफारी (अत्याधुनिक प्राणी उद्यान) आदि।
प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरित होकर 2014 में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती यानी 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने और मजबूत बनाने के लिए समर्पण की भावना को सुदृढ़ करना है।


